कई शहरों के डॉक्टरों का कहना है कि पिछले दो हफ़्तों में बुख़ार क्लीनिकों में सामान्य से ज़्यादा भीड़ रही है। देर से हुई बारिश के कारण गमलों, कूलरों और छत पर रखे बर्तनों में पानी जमा रह गया।
एक शहर के अस्पताल में बुख़ार क्लीनिक चलाने वाली डॉ. अंजलि वर्मा ने कहा, "ज़्यादातर मच्छर घर के अंदर या ठीक बगल में पनपते हैं। छत पर पड़ा एक पुराना टायर या गमले की प्लेट ही काफ़ी है।"
घर पर क्या करें
- कूलर, बाल्टी और गमलों की प्लेट हफ़्ते में एक बार ख़ाली करें, रगड़कर साफ़ करें और सुखाएं।
- पानी की टंकी और ड्रम को अच्छी तरह ढककर रखें।
- दिन में पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छर भगाने वाली क्रीम लगाएं, क्योंकि ये मच्छर दिन में ज़्यादा काटते हैं।
- दिन में सोने वाले छोटे बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए मच्छरदानी लगाएं।
डॉक्टर के पास कब जाएं
तेज़ बुख़ार के साथ सिर में तेज़ दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द या शरीर पर दाने दिखें तो जल्दी डॉक्टर को दिखाएं। लगातार उल्टी, मसूड़ों से ख़ून, पेट में तेज़ दर्द या असामान्य सुस्ती जैसे लक्षणों में तुरंत इलाज ज़रूरी है।
डॉ. वर्मा ने कहा, "अपने मन से दर्द की दवा न लें। ख़ूब पानी पिएं और दवा व जांच का फ़ैसला डॉक्टर पर छोड़ें।"
कई वार्डों में नगर निगम की टीमों ने घर-घर जांच और फॉगिंग शुरू कर दी है। रेज़िडेंट्स एसोसिएशनों से हर हफ़्ते "ड्राई डे" जांच के लिए एक स्वयंसेवक चुनने को कहा गया है।










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