केसरगंज के पुराने बाज़ार मोहल्ले की रामलीला इस साल अपने 75वें साल में है। 1951 में मोहल्ले के कुछ युवाओं ने लालटेन की रोशनी में जिस मंचन की शुरुआत की थी, उसमें आज 140 कलाकार और 60 से ज़्यादा स्वयंसेवक जुड़े हैं।
रामलीला समिति के अध्यक्ष हरिप्रसाद गुप्ता बताते हैं कि कई परिवारों में किरदार पीढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहे हैं। "जिस लड़के ने इस बार लक्ष्मण का रोल किया है, उसके दादा भी लक्ष्मण बनते थे। हमारे लिए यह सिर्फ़ मंचन नहीं, मोहल्ले की याद है।"
इस बार क्या नया
- मंचन का सीधा प्रसारण समिति के सोशल मीडिया पेज पर होगा, ताकि शहर से बाहर रहने वाले लोग भी देख सकें।
- पुराने पर्दों और मुखौटों की एक छोटी प्रदर्शनी मंच के पास लगाई गई है।
- 75 साल के इतिहास पर एक स्मारिका छापी जा रही है, जिसमें पुराने कलाकारों के संस्मरण हैं।
इस बार कई लड़कियों ने भी मंच के पीछे का काम संभाला है: संगीत, रोशनी और वेशभूषा। कॉलेज की छात्रा प्रिया शर्मा ने कहा, "बचपन से दर्शकों में बैठकर देखती थी। अब पहली बार मंच के पीछे से सब कुछ होते देख रही हूं।"
समिति ने बताया कि मंचन रोज़ शाम सात बजे शुरू होगा। प्रशासन ने आसपास की गलियों में शाम छह बजे के बाद वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई है और पार्किंग के लिए पास के स्कूल का मैदान तय किया है।












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