त्योहारों का मौसम वह समय है जब ज़्यादातर परिवार एक ही महीने में सबसे ज़्यादा ख़र्च करते हैं: तोहफ़े, कपड़े, यात्रा, मिठाई और घर की मरम्मत। थोड़ी सी योजना से जश्न भी अच्छा रहेगा और जनवरी में परेशानी भी नहीं होगी।
पांच क़दम की योजना
- एक रक़म तय करें। यह तय करें कि इमरजेंसी फ़ंड को छुए बिना इस सीज़न में आप कुल कितना ख़र्च कर सकते हैं।
- हिस्सों में बांटें। जैसे तोहफ़े, कपड़े, खाना-मिठाई, यात्रा और घर। हर हिस्से की रक़म लिख लें।
- पहले बचत से भुगतान। अगर किसी ख़रीदारी के लिए क़र्ज़ लेना पड़े या क्रेडिट कार्ड का ऐसा बिल बने जिसे आप पूरा नहीं चुका सकते, तो सोचें कि क्या वह रुक सकती है।
- किस्तों की शर्तें पढ़ें। "नो-कॉस्ट ईएमआई" में प्रोसेसिंग फ़ीस हो सकती है, या किस्त चुनने पर वह छूट नहीं मिलती जो नक़द में मिलती।
- थोड़ी रक़म अलग रखें। बजट का दसवां हिस्सा उन ख़र्चों के लिए रखें जिनकी योजना नहीं थी, जैसे कोई मेहमान या मरम्मत।
आम ग़लतियां
- सिर्फ़ सेल की वजह से कुछ ख़रीद लेना।
- कई छोटी-छोटी किस्तें, जो मिलकर हर महीने बड़ा बिल बन जाती हैं।
- क्रेडिट कार्ड का सिर्फ़ न्यूनतम भुगतान करना, जिससे बाक़ी रक़म पर ब्याज चलता रहता है।
परिवारों के लिए मुफ़्त वित्तीय कार्यशालाएं चलाने वाली वित्तीय योजनाकार प्रिया मेनन ने कहा, "त्योहार की सबसे अच्छी ख़रीदारी वह है, जिसका बिल आने पर भी आपको अच्छा लगे।"
अगर आप क़र्ज़ पर कोई बड़ी ख़रीदारी करने वाले हैं, तो पढ़ें ब्याज दर बदलने से आपकी ईएमआई पर क्या असर पड़ता है।










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