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छोटे दुकानदारों में क्यूआर भुगतान का चलन बढ़ा, लेकिन नक़दी अब भी ज़रूरी

केसरगंज के 500 दुकानदारों के एक सर्वे में 87 प्रतिशत ने क्यूआर कोड से भुगतान लेने की बात कही। आधे से ज़्यादा ने बताया कि सुबह-शाम की ख़रीदारी में नक़दी ही चलती है।

ऐप कार्ड वाले स्मार्टफोन का चित्रण
फ़ोटो: चित्रण: Shirepost समाचार (सिंथेटिक)

केसरगंज के बाज़ारों में अब ज़्यादातर छोटी दुकानों पर क्यूआर कोड चिपका दिखता है। ज़िले के एक व्यापारी संगठन के 500 दुकानदारों के सर्वे में 87 प्रतिशत ने बताया कि वे क्यूआर कोड से भुगतान लेते हैं। लेकिन आधे से ज़्यादा ने यह भी कहा कि नक़दी अब भी उनके कारोबार का बड़ा हिस्सा है।

सर्वे के मुताबिक़ युवा ग्राहक और कर्मचारी वर्ग फ़ोन से भुगतान करना पसंद करते हैं, जबकि बुज़ुर्ग ग्राहक, गांव से आने वाले लोग और छोटी रक़म की ख़रीदारी में नक़दी चलती है।

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