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त्योहारी सीज़न से पहले मिठाई दुकानों पर कॉरपोरेट ऑर्डर की भीड़, कारीगरों की मांग बढ़ी

केसरगंज के मिठाई कारोबारियों का कहना है कि कंपनियों और स्कूलों से गिफ़्ट बॉक्स के ऑर्डर पिछले साल से 30 प्रतिशत ज़्यादा हैं। कई दुकानों ने बाहर से कारीगर बुलाए हैं।

फल-सब्ज़ियों वाले बाज़ार के ठेलों का चित्रण
फ़ोटो: चित्रण: Shirepost समाचार (सिंथेटिक)

त्योहारी सीज़न से पहले केसरगंज की मिठाई दुकानों पर कंपनियों, स्कूलों और दफ़्तरों से गिफ़्ट बॉक्स के ऑर्डर की भीड़ लगी है। कारोबारियों का कहना है कि थोक ऑर्डर पिछले साल से करीब 30 प्रतिशत ज़्यादा हैं।

शहर की सबसे पुरानी मिठाई दुकानों में से एक चलाने वाले रमाकांत हलवाई ने बताया कि इस बार लोग कम चीनी वाली और सूखे मेवों की मिठाइयां ज़्यादा मांग रहे हैं। "पहले हर डिब्बे में बस काजू कतली और लड्डू होते थे। अब लोग पूछते हैं कि गुड़ वाली मिठाई है या नहीं, शुगर-फ़्री है या नहीं।"

कारोबारियों की तैयारी

  • कई दुकानों ने दूसरे ज़िलों से अनुभवी कारीगर बुलाए हैं।
  • खोया और घी की ख़रीद पहले से तय दाम पर की गई है।
  • गिफ़्ट बॉक्स पर ग्राहक के नाम और संदेश छापने की सुविधा।
  • ऑनलाइन ऑर्डर के लिए व्हाट्सऐप पर कैटलॉग।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने त्योहारों से पहले दुकानों पर जांच अभियान शुरू किया है। विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि मिठाई के डिब्बों पर "बेस्ट बिफ़ोर" तारीख़ लिखना ज़रूरी है और खुली मिठाई के लिए भी ट्रे पर यह जानकारी दिखनी चाहिए।

व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा कि बढ़ती लागत के बावजूद ज़्यादातर दुकानदारों ने दाम कम ही बढ़ाए हैं। "त्योहार पर ग्राहक लौटकर आए, यही हमारा असली मुनाफ़ा है।"

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