अमरौली में दो दिन चले महिला उद्यमी मेले में 180 स्टॉल लगे और आयोजकों के मुताबिक़ कुल बिक्री करीब ₹1.2 करोड़ रही। मेले में अचार-पापड़ से लेकर हाथ से बने कपड़े, बांस के सामान और जैविक मसाले तक बिके।
मेले का आयोजन ज़िले के उद्योग केंद्र और महिला स्वयं सहायता समूहों के एक संघ ने किया। ज़्यादातर स्टॉल छोटे कारोबार चलाने वाली महिलाओं के थे, जिनमें कई पहली बार किसी बड़े मेले में आई थीं।
अचार का कारोबार चलाने वाली मीना श्रीवास्तव ने बताया, "पहले दिन ही मेरा सारा माल बिक गया और दो होटलों से हर महीने के ऑर्डर मिले। घर की रसोई से शुरू किया काम अब पांच महिलाओं को रोज़गार दे रहा है।"
मेले में क्या-क्या था
- बैंकों के डेस्क पर छोटे कारोबारी क़र्ज़ की जानकारी और आवेदन।
- ऑनलाइन बाज़ारों पर दुकान खोलने की मुफ़्त ट्रेनिंग।
- उत्पादों की फ़ोटो खींचने के लिए एक छोटा स्टूडियो।
- पैकिंग और लेबल पर ज़रूरी जानकारी के बारे में सलाह।
उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने कहा कि मेले में आई 40 से ज़्यादा महिलाओं ने कारोबार बढ़ाने के लिए क़र्ज़ के आवेदन दिए हैं। अगले मेले में ख़रीदार कंपनियों के साथ अलग बैठकें रखी जाएंगी।
आयोजकों का कहना है कि अगली बार मेला तीन दिन का होगा और पड़ोसी ज़िलों की महिलाओं को भी बुलाया जाएगा।







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