नॉरलैंड पढ़ने गए भारतीय छात्रों के लिए वहां बसे भारतीय मूल के लोगों के एक संगठन ने हिंदी और अंग्रेज़ी में 24 घंटे की हेल्पलाइन शुरू की है। संगठन के मुताबिक़ पहले महीने में ही 800 से ज़्यादा कॉल आईं।
ज़्यादातर सवाल किराये के मकान, पार्ट-टाइम काम के नियम, बैंक खाता खोलने और सर्दियों की तैयारी से जुड़े थे। कुछ छात्रों ने अकेलेपन और पढ़ाई के दबाव के बारे में भी बात की।
हेल्पलाइन की संयोजक और 20 साल से नॉर्डहेवन में रह रहीं डॉ. रश्मि नायर ने कहा, "जब हम आए थे, तब पूछने वाला कोई नहीं था। अब कोई छात्र रात दो बजे भी फ़ोन करे, तो कोई अपनी भाषा में जवाब देगा।"
छात्रों के लिए सलाह
- किराये का अनुबंध बिना पढ़े न करें; जमा राशि की रसीद ज़रूर लें।
- पार्ट-टाइम काम के घंटों की क़ानूनी सीमा का पालन करें, वरना वीज़ा पर असर पड़ सकता है।
- सर्दियों के कपड़े वहीं के सेकंड-हैंड बाज़ारों से सस्ते मिल जाते हैं।
- मन उदास हो तो बात करें; विश्वविद्यालयों में मुफ़्त काउंसलिंग मिलती है।
हेल्पलाइन पर 40 स्वयंसेवक बारी-बारी से फ़ोन उठाते हैं, जिनमें डॉक्टर, वकील और पूर्व छात्र शामिल हैं। गंभीर मामलों में छात्रों को विश्वविद्यालय या स्थानीय सेवाओं से जोड़ा जाता है।
संगठन अब हर महीने नए छात्रों के लिए एक मुलाक़ात का आयोजन करता है, जहां वे खाना बनाना, सस्ती ख़रीदारी और शहर में घूमने के तरीक़े सीखते हैं।








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